21 मार्च, “विश्व कविता दिवस” के उपलक्ष्य में
कवि या कविता का कहाँ कोई दिन होता है कवि या कविता का कहाँ कोई दिन होता हैकवि तो बस भावनाओं के ही वश होता है संवेदनाएँ, विरह की बीमारी से पीड़ित रहता है निरंतरपानी हो गरम, फिर भी कवि को ठंड लगती है दाद, ताली, लाइक, फॉलो और शेयर का नहीं होता भूखाकोई कविता […]
































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































