GCCI एवं किशन गौशाला द्वारा “वैदिक होली ” का दिव्य आयोजन

वैदिक होली मनाकर अपनी संस्कृति, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को संरक्षित करें ! – डॉ. वल्लभभाई कथीरिया
पर्यावरण संरक्षण एवं सनातन परंपराओं को पुनर्जीवित करने हेतु GCCI (Global Confederation of Cow Based Industries) एवं किशन गौशाला के संयुक्त प्रयास से इस वर्ष “वैदिक होली” दिनांक 13 मार्च 2025 (गुरुवार) रात्रि 08:00 बजे किसान गौशाला, आजीडेम से नजदीक,रामवन के समीप, राजकोट गॉडल बायपास रोड, राजकोट मे दिव्य आयोजन किया गया है । यह आयोजन भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत और गौ-आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देने हेतु किया जा रहा है, जिसमें गौ माता से प्राप्त पवित्र गोबर एवं गोमय उत्पादों से होलिका दहन संपन्न होगा।
GCCI के स्थापक डॉ. वल्लभभाई कथीरिया ने वैदिक होली के उद्देश्य की बात करते हुए कहा कि वैदिक होली के माध्यम से गोबर के कंडों एवं लकड़ियों का उपयोग कर होलिका दहन किया जाएगा, जो वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होगा। यह आयोजन समाज में गौ रक्षा एवं गौ संवर्धन के महत्व को पुनः स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। गौ के पंचगव्य उत्पादों को अपनाकर समाज को आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा दी जाएगी। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन में गौ माता के गोबर एवं हवन सामग्री का उपयोग करने से वातावरण पवित्र होता है, नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है एवं आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है।
किशान गौ शाला के चंद्रेशभाई पटेल ने “वैदिक होली” आयोजन के प्रमुख आकर्षण के बारेमे बताया की होली के शुभ अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष सात्विक भोजन प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
GCCI एवं किशन गौशाला द्वारा सभी समाजसेवियों से इस वैदिक एवं पर्यावरण अनुकूल होली महोत्सव में भाग लेने की अपील की जाती है । यह आयोजन गौ माता के संरक्षण, पर्यावरण की शुद्धि, एवं स्वास्थ्यवर्धक परंपराओं को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल है। आइए, वैदिक होली मनाकर अपनी संस्कृति, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को संरक्षित करें!
अधिक जानकारी के लिए GCCI के जनरल सेक्रेटरी श्री मित्तलभाई खेताणी, चंद्रेशभाई पटेल मो. 97252 19761 और तेजस चोटलिया मो. 94269 18900 पर संपर्क करें।

























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































