जानवर हमारा ‘जीवन धन’ है, उसे‘पशु’ कहना ठीक नहीं : राष्ट्रपति

पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान का दीक्षांत समारोह
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि जानवरों के लिए ‘पशु’ शब्द का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। उन्होंने जानवरों को ‘जीवन धन’ कहा है। राष्ट्रपति ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के 11वें दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘जानवरों के बिना किसान आगे नहीं बढ़ सकता, इसलिए पशु शब्द ठीक नहीं लगता । उनके बिना हम जिंदगी सोच नहीं सकते।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी संस्कृति जीव-जंतुओं में ईश्वर की उपस्थिति देखती है। पशुओं से हमारे देवताओं और ऋषि-मुनियों का संवाद होता है। भगवान के कई अवतार इसी विशिष्ट श्रेणी में हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम छोटे थे तब बहुत गिद्ध थे। आज लुप्त हो गए हैं। इसके पीछे पशु चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली रासायनिक दवाओं की भी भूमिका है । इन पर रोक लगाना सराहनीय कदम है।’
























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































