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गौ-आधारित उद्योगों के लिए “गौ टेक 2026” गौ-आधारित वैश्विक शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का भव्य आयोजन 20 मार्च से 23 मार्च, 2026 तक पुणे में किया जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी के “आत्मनिर्भर भारत”, “मेक इन इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” के विज़न को साकार करेगा “गौ टेक 2026”।

“गौ टेक–2026” के भव्य कर्टन रेज़र कार्यक्रम में पद्मभूषण, सुपर कंप्यूटर के संस्थापक डॉ. विजय भाटकर, जगतगुरु कृपांकित डॉ. चेतनानंद महाराज (पुणेकरजी), महाराष्ट्र गौसेवा आयोग के अध्यक्ष शेखरजी मुंदडाजी, तथा कामधेनु और आनंद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एम.सी. वार्ष्णेयजी की मार्गदर्शक उपस्थिति रही।

ओम ओन्ली न्यूज़ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी के समृद्ध भारत, श्रेष्ठ भारत, भव्य भारत और दिव्य भारत के स्वप्न को साकार करने के पवित्र उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय संस्था “ग्लोबल कन्फेडरेशन ऑफ काउ-बेस्ड इंडस्ट्रीज़ (GCCI)” द्वारा आयोजित “गौ टेक 2026, पुणे” एक ऐतिहासिक और वैश्विक स्तर की गौ-आधारित समिट एवं प्रदर्शनी है, जो 20 मार्च से 23 मार्च, 2026 तक एग्रीकल्चर कॉलेज ग्राउंड, पुणे में आयोजित होने जा रही है। “गौ टेक” न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में गौ-आधारित उद्योगों के लिए सबसे बड़ा मंच बनता जा रहा है। यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक प्रयास है, जिसमें गौ-आधारित संस्कृति, परंपरा, तकनीक और नवाचारों का संगम देखने को मिलेगा। गौ-आधारित उद्योगों और अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने वाली “गौ टेक–2026” के लिए आयोजित कर्टन रेज़र कार्यक्रम हाल ही में उत्साहपूर्वक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित दादा को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात गौ-वंदना एवं गणेश-वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उपस्थित महानुभावों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया तथा राजकोट में आयोजित देश की सर्वप्रथम “गौ टेक–2023” की सफलता को दर्शाती वीडियो क्लिप प्रस्तुत की गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं GCCI के संस्थापक डॉ. वल्लभभाई कथीरिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता को “कामधेनु” माना गया है और उसके दूध, गौमूत्र एवं गोबर से स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, स्वच्छता और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े अनेक उत्पाद विकसित हो रहे हैं। “गौ टेक–2026” इन सभी संभावनाओं को एक मंच पर लाकर युवाओं, महिलाओं, गौशालाओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद एवं सहयोग का सशक्त प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि गायों के संवर्धन में आधुनिक तकनीक, A–2 दूध का वैल्यू एडिशन, गौमूत्र और गोबर से जैविक खेती, बायोफ्यूल तथा घरेलू उपयोगी उत्पादों के माध्यम से रोजगार और उद्यमिता की व्यापक संभावनाएँ सृजित हुई हैं। इन सभी क्षेत्रों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए “गौ टेक–2026” का आयोजन पुणे में किया गया है, क्योंकि पुणे शिक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप्स और कृषि-नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी मंच प्रदान करता है। पद्मश्री एवं पद्मविभूषण से सम्मानित, सुपर कंप्यूटर के संस्थापक डॉ. विजय भटकरजी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि AI के उचित उपयोग से गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को अधिक कार्यक्षम, वैज्ञानिक और लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के संयोजन से गौ-आधारित उद्योग एक नई ब्राउन क्रांति का स्वरूप ले सकते हैं, जो सतत विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जगतगुरु कृपांकित डॉ. चेतनानंद महाराज (पुणेकरजी) ने “गौ टेक–2026” के दौरान गौसेवा परिक्रमा मार्ग पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा करने तथा आने वाले अतिथियों के लिए भोजन व्यवस्था करने की घोषणा की। उन्होंने सभी महानुभावों से व्यक्तिगत रूप से “गौ टेक–2026” में सहभागी बनने की अपील की। गुजरात की कामधेनु और आनंद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एम.सी. वार्ष्णेय ने “गौ टेक–2026” को पूर्ण समर्थन देने तथा पूरे समाज से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। महाराष्ट्र गौसेवा आयोग के अध्यक्ष शेखरजी मुंद्रा ने “गौ टेक–2026” को पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और बताया कि वे “गौ टेक–2026” के चेयरमैन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सी.पी. ठक्कर द्वारा GCCI और महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के बीच MOU कर गौ-आधारित व्यवसाय को गति देने तथा गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने हेतु विशेष विभाग खोलने की घोषणा की गई। अग्रणी उद्योगपति किरण चौधरी ने पुणे शहर में बैनर और जनजागरण अभियान के माध्यम से “गौ टेक–2026” को समर्थन दिया। “गौ टेक–2023” के चेयरमैन एवं सौराष्ट्र प्रांत लघु उद्योग भारती के अग्रणी हंसराजभाई गजेरा ने व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर समाज किस प्रकार “गौ टेक–2026” में सहयोगी बन सकता है, इस पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के अंत में कौस्तुभ देशपांडे ने उपस्थित सभी महानुभावों, वक्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन GCCI के सेक्रेटरी श्री मित्तल खेतानी, श्री पुरीशकुमार और श्री अमिताभ भटनागर द्वारा सुव्यवस्थित रूप से किया गया। “गौ टेक–2026” की ऑर्गनाइजेशन कमेटी के सदस्य कौस्तुभ देशपांडे, भाग्यश्री चोंडे, रमेश ओसवाल और अश्विनीजी ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कर्टन रेज़र कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शंकरजी गायकड़, फिल्म प्रोड्यूसर मेघराज भोंसलेजि, महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के काउंसिल मेंबर सी.पी. ठक्कर, महाराष्ट्र गौसेवा आयोग के सदस्य डॉ. मार्कंडेय, महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष महेंद्र देवजी, पुणे मर्चेंट चेंबर के चेयरमैन राजेंद्रसिंह भाटिया, सौराष्ट्र प्रांत लघु उद्योग भारती के अग्रणी हंसराजभाई गजेरा, गौ-रक्षक मिलिंद एकबोटेजी, आयुर्वेदाचार्य डॉ. दिलीप कुलकर्णी, गौ-रक्षक डॉ. रवि राबड़ेजी, पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक के संस्थापक परशोत्तम पीपलिया, पटेल समाज के अग्रणी संजय पटेल, अग्रणी उद्योगपति किरण चौधरी, आर्किटेक्ट दिलीप कालेजी, मिलिंद देशपांडे, डॉ. सुजाता जैन, मंगल काले सहित अनेक प्रतिष्ठित महानुभाव उपस्थित रहे। अधिक जानकारी के लिए मो. 93419 28011, 79874 41471, 83201 77647 या Email: info@gautechexpo.in पर संपर्क करने का आग्रह किया गया है।

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