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7 अप्रैल, विश्व स्वास्थ्य दिवस

पहला सुख निरोगी काया
➤ योग भगाए रोग
➤ स्वस्थ रहो, सुरक्षित रहो
➤ शाकाहार अपनाओ, स्वस्थ जीवन बनाओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 7 अप्रैल को “विश्व स्वास्थ्य दिवस” के रूप में घोषित किया गया है। इस दिन के माध्यम से संगठन का उद्देश्य लोगों को विशेष रूप से एचआईवी, क्षय रोग, मलेरिया, कोरोना जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना है।

आज जब हम कोरोना जैसी महामारी का सामना कर रहे हैं, तब स्वास्थ्य बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने लॉकडाउन की घोषणा करते समय कहा था, “जान है तो जहान है।” तब से लेकर आज तक और भविष्य में भी सभी ने अपने जीवन का महत्व समझ लिया है।

कोरोना महामारी के कई गंभीर प्रभाव हुए, लेकिन कुछ सकारात्मक परिणाम भी सामने आए—जैसे पर्यावरण की सुरक्षा, परिवार के साथ समय बिताने का अवसर, और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में वृद्धि। आज लोग आधुनिकता के साथ-साथ प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक उपायों को भी अपनाने लगे हैं।

शरीर और मन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि शरीर स्वस्थ होगा तो मन भी स्वस्थ रहेगा। मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए प्राकृतिक जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। योग और प्राणायाम जैसी हमारी प्राचीन परंपराएं आज भी उतनी ही उपयोगी हैं।

हालांकि, एक महत्वपूर्ण बात यह है कि लोगों को सही मार्गदर्शन हमेशा उपलब्ध नहीं होता या वे विशेषज्ञों की सलाह नहीं लेते। कई बार लोग बिना समझे दूसरों की सलाह का पालन कर लेते हैं, जिससे समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ मार्गदर्शन अवश्य लेना चाहिए।

आयुर्वेद, योग, नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सरकार भी आयुष मंत्रालय के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है।

— मित्तल खेतानी (मो. 98242 21999)

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