गौमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने की मांग, शंकराचार्यने CM भूपेंद्र पटेल को सौंपा प्रस्ताव

स्वामी सदानंद सरस्वतीने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के समक्ष गौमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने का प्रस्ताव रखा है। द्वारका स्थित द्वारका शरदापीठ की ओर से प्रस्तुत इस मांग में गोवंश के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है।शंकराचार्यने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आधारशिला है. उसे राज्य का सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा देना केवल धार्मिक भावना नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। इस मांग के समर्थन में ‘आस्था का शस्त्र’ अभियान भी शुरू किया गया है।
शंकराचार्य के इस आह्वान के बाद राज्यभर में गौभक्तों और सनातन अनुयायियों में उत्साह बढ़ा है, वहीं अन्य राज्यों में भी गौमाता को विशेष दर्जा देने की मांग तेज होती दिख रही है।






































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































