राजकोट में सदभावना वृद्धाश्रम के लिए अनंत सेवा

अनंत अंबानी के जन्मदिन के अवसर पर सदभावना वृद्धाश्रम को ₹51 लाख का योगदान, अनंत सत्संग हॉल का निर्माण किया जाएगा
समाजसेवा और मानवता के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में, 9 अप्रैल 2026 को श्री अनंतभाई अंबानी के 31वें जन्मदिन के अवसर पर सदभावना वृद्धाश्रम, राजकोट में “अनंत सेवा” के रूप में विशेष योगदान दिया गया है। इस अवसर पर राजकोट के जामनगर रोड स्थित विश्व के सबसे बड़े “विनुभाई बचुभाई नागरेचा परिसर” सदभावना वृद्धाश्रम में “अनंत सत्संग” हॉल के निर्माण के लिए ₹51 लाख का योगदान दिया गया है, जो बुजुर्गों के लिए आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
श्री अनंतभाई अंबानी बुजुर्गों के प्रति विशेष सम्मान औ र भावना रखते हैं। उनके इस योगदान के पीछे निःस्वार्थ सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता झलकती है। इस सेवा कार्य के माध्यम से बुजुर्गों के जीवन में सम्मान, गरिमा और आध्यात्मिक समृद्धि बढ़ाने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
श्री अनंतभाई अंबानी जानवरों के प्रति भी अत्यंत करुणामय हृदय रखते हैं और उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने ‘वंतारा’ जैसी विशाल पशु संरक्षण पहल के माध्यम से हजारों घायल, बीमार और परित्यक्त बेजुबान जीवों के रेस्क्यू, उपचार और पुनर्वास की उत्कृष्ट व्यवस्था की है। यहां आधुनिक अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतरीन उपचार सुविधाओं के जरिए पशुओं को नया जीवन दिया जाता है।
गौमाता सहित विभिन्न पशुओं की सेवा के लिए वे गौशालाओं को प्रोत्साहित करते हैं और पर्यावरण तथा वन्यजीव संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वे मानव और पशुओं के सहअस्तित्व में विश्वास रखते हैं और समाज में करुणा, दया तथा जिम्मेदारी का संदेश फैलाते हैं। उनकी पहल न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रेरणास्रोत बन रही है।
सदभावना वृद्धाश्रम पिछले एक दशक से पर्यावरण संरक्षण, समाजसेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत है। संस्था ने गुजरातभर में अब तक 1 करोड़ 40 लाख से अधिक वृक्षों का रोपण और संरक्षण किया है। वृक्षों की देखभाल के लिए संस्था के पास 700 पानी के ट्रैक्टर टैंकर और लगभग 3500 समर्पित कर्मचारी कार्यरत हैं।
राजकोट-जामनगर हाईवे, पडधरी के पास, मोटा रामपर स्थित “विनुभाई बचुभाई नागरेचा परिसर” सदभावना वृद्धाश्रम अत्यंत विशाल और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें 1400 कमरों की व्यवस्था है और भविष्य में 5000 से अधिक निराश्रित, नि:संतान और असहाय बुजुर्गों को आश्रय प्रदान किया जाएगा। इस परिसर में 7 टावर बनाए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक टावर 11 मंजिला होगा, ताकि हर बुजुर्ग को पर्याप्त स्थान, सुविधा और देखभाल मिल सके।
श्री अनंतभाई अंबानी द्वारा दिया गया यह योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह बुजुर्गों के प्रति सम्मान, आध्यात्मिक जीवन के महत्व और समाजसेवा के प्रति गहरी संवेदना का प्रतीक है।






































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































