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18 अप्रैल, “विश्व धरोहर दिवस”

हर वर्ष 18 अप्रैल को UNESCO द्वारा “विश्व धरोहर दिवस” के रूप में मनाया जाता है। पूरे विश्व में अत्यंत सुंदर, प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व रखने वाली इमारतों के संरक्षण तथा लोगों में इसके प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से इस दिन का आयोजन किया जाता है।
कुल 167 देशों में यह धरोहर फैली हुई है। दुनिया में 5 ऐसे देश हैं जहां ऐतिहासिक धरोहरों की संख्या 40 से अधिक है—चीन में 55, इटली में 55, स्पेन में 48, जर्मनी में 46 और फ्रांस में 45 धरोहर स्थल हैं। भारत में यह संख्या 38 है।
ऐतिहासिक धरोहरों को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में विभाजित किया जाता है—हिस्टोरिकल, डिस्टॉयड और मॉडर्न। दुनिया के सबसे बड़े ऐतिहासिक धरोहर स्थल की बात करें तो वह फीनिक्स आइलैंड्स (किरिबाती देश में) है, जो लगभग 4 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वहीं सबसे छोटा ऐतिहासिक स्थल होली ट्रिनिटी कॉलम (चेक रिपब्लिक में) है, जो बहुत छोटे क्षेत्र में स्थित है।
अब तक कुल 53 स्थल ऐसे हैं जिन्हें “हेरिटेज इन डेंजर” घोषित किया गया है, जिनमें से 17 प्राकृतिक और 36 सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं। भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में काज़ीरंगा नेशनल पार्क, लाल किला, खजुराहो समूह के मंदिर, एलिफेंटा गुफाएं, कोणार्क सूर्य मंदिर और आगरा किला आदि शामिल हैं।
— मित्तल खेताणी (मो. 9824221999)

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