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ता. 07 मई, गुरुवार के दिन ‘गौ सम्मान दिवस’ के अवसर पर पूरे राज्य में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा गौ हत्या रोकने के संबंध में सरकार द्वारा कड़ा कानून बनाने के लिए गौसंत, गौभक्त, गौसेवक, गौपालक, गौपुत्र, गोवत्स और प्रत्येक गौप्रेमी द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।

सम्पूर्ण कार्यक्रम ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा

प्रमुख संरक्षक वेदलक्षणा गौमाता (आद्यशक्ति में सुरभि) तथा अध्यक्ष नंदीबाबा (नीलमणि वृषभदेव) के परम आशीर्वाद एवं भारतीय परंपरा के समस्त आराध्य देवी-देवताओं के आशीर्वाद से भारतीय परंपरा के समस्त आचार्य, संत-महापुरुष, गौसंत, गौभक्त, गौसेवक, गौपालक, गौपुत्र, गोवत्स और प्रत्येक गौप्रेमी द्वारा दिनांक 07 मई, गुरुवार को ‘गौ सम्मान दिवस’ के अवसर पर पूरे राज्य में अपने-अपने शहर, गांव और तालुका स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा गौहत्या रोकने हेतु सरकार द्वारा कठोर कानून बनाने के संबंध में आवेदन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
साथ ही गौमाता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर जनजागृति के लिए “गौ सम्मान आह्वान अभियान” प्रारंभ किया गया है।
इस अभियान के अंतर्गत गौशालाओं से संबंधित प्रमुख मांगों में शामिल हैं: (1) भारत के प्रत्येक राज्य में उपयुक्त वन भूमि या गोचर भूमि पर कम से कम एक गौ अभ्यारण्य स्थापित किया जाए। (2) प्रत्येक ग्राम पंचायत में निराश्रित नर गोवंश के लिए नंदीशाला स्थापित की जाए। (3) गौशालाओं को मनरेगा योजना से जोड़ा जाए, ताकि वहां कार्य करने वाले लोगों को 100 दिनों का वेतन मिल सके और निर्माण कार्य भी किया जा सके। (4) देशभर की गौशालाओं को निर्धारित मात्रा में मुफ्त बिजली या बिल में छूट दी जाए। (5) बड़े दान प्राप्त करने वाले सरकारी नियंत्रित मंदिरों के लिए गौशाला संचालन अनिवार्य किया जाए। (6) महानगरों और आवासीय क्षेत्रों में गौशालाओं हेतु अलग स्थान निर्धारित किया जाए। (7) गाय के मृत शरीर के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाए।
कानूनी मांगों में प्रमुख हैं: (1) गौहत्या और तस्करी में शामिल अपराधियों के लिए आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा का प्रावधान। (2) तस्करी में उपयोग किए गए वाहनों की स्थायी जब्ती। (3) कंपनियों के CSR फंड का एक हिस्सा गौसेवा में अनिवार्य रूप से व्यय किया जाए। (4) सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर सख्त प्रतिबंध। (5) पशु मेलों के नाम पर होने वाली अवैध तस्करी रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाया जाए।
गौ चिकित्सालय और शिक्षा से संबंधित मांगों में शामिल हैं:
(1) जिला स्तर पर पंचगव्य चिकित्सालय की स्थापना। (2) छात्रों के मध्याह्न भोजन में गाय का दूध शामिल करना। (3) संस्कृत महाविद्यालयों में गौसेवा परियोजना अनिवार्य करना। (4) स्कूलों और कॉलेजों में देशी गाय के महत्व पर पाठ्यक्रम शामिल करना। (5) हाईवे पर गौ दुर्घटनाओं को रोकने तथा उपचार हेतु एंबुलेंस और चिकित्सा केंद्र स्थापित करना।
“गौ सम्मान आह्वान अभियान” का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों से संविधान के दायरे में रहते हुए अहिंसक रूप से आग्रह करना है कि देशी गोवंश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया जाए, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, गौमाता को राष्ट्रमाता/राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दिया जाए, तथा गौसेवा हेतु केंद्रीय कानून और मंत्रालय की स्थापना की जाए।
27 अप्रैल को आयोजित यह अभियान एक व्यापक जनजागृति पहल के रूप में सफल रहा, जिसका उद्देश्य समाज में गौसेवा, संरक्षण और करुणा की भावना को मजबूत करना है।
इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरण, कृषि और मानव जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण तत्व है।
देशभर में इस अभियान के तहत शांतिपूर्ण कार्यक्रम, रैलियां, प्रार्थना सभाएं, संकीर्तन यात्राएं, वेबिनार और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलायी जा रही है। युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अभियान में शामिल होने के लिए गौप्रेमीजन से अनुरोध है कि वे 90677 77323 पर मिस कॉल देकर भागीदार बनें। इस अभियान के लिए किसी प्रकार का दान स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई इस नाम पर दान मांगता है, तो 8239711008 पर व्हाट्सऐप के माध्यम से शिकायत करें।अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट https://www.gausamman.cloud पर जाएं।
राजकोट में इस अभियान से संबंधित जानकारी के लिए 97252 19761 पर संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।

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