गौ सम्मान आह्वान अभियान में तन–मन–धन से जुड़ने की डॉ. वल्लभभाई कथीरिया की अपील।

7 मई को तालुका स्तर पर एकत्र होकर मामलतदार श्री को प्रार्थना पत्र देने के लिए जुड़ें
राष्ट्र और भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए गौमाता को सेवा, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त हो, इस पवित्र उद्देश्य के साथ पूरे देश में चल रहे “गौ सम्मान आह्वान अभियान” को व्यापक जनजागरण अभियान बनाने हेतु डॉ. वल्लभभाई कथीरिया ने राज्य के सभी नागरिकों से तन-मन-धन से जुड़ने की हार्दिक अपील की है।
डॉ. कथीरिया ने कहा कि गौमाता भारत की आर्थिक, कृषि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक परंपरा की आधारशिला है।
गौ-आधारित कृषि, ऑर्गेनिक खेती, पंचगव्य उत्पाद, गोबर गैस और गोमूत्र आधारित औषधियों जैसे क्षेत्रों में गौमाता का महत्व अत्यंत व्यापक है।
गौ-आधारित अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
डॉ. कथीरिया ने आगे कहा कि “गौ सम्मान आह्वान अभियान” केवल एक भावनात्मक अभियान नहीं है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से गौमाता के महत्व को स्थापित करने का एक सशक्त प्रयास है। इस अभियान के माध्यम से देश के प्रत्येक वर्ग में गौसेवा और गौसंरक्षण के प्रति जागरूकता लाकर गौमाता को उचित सम्मान दिलाने का संकल्प लिया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत देशभर में शांतिपूर्ण और रचनात्मक रूप से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संकीर्तन यात्रा, प्रार्थना सभा, जनजागरण अभियान और गौ संवाद जैसे उपक्रम शामिल हैं। विशेष रूप से युवा शक्ति, किसान वर्ग और महिलाओं को गौ-आधारित गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. कथीरिया ने कहा कि यह अभियान पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और अहिंसक है। इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह केवल गौमाता के सम्मान और राष्ट्रहित के लिए समर्पित है। उन्होंने जनसमुदाय से अपील की कि वे अपने क्षेत्र और समाज में अधिक से अधिक लोगों तक इस अभियान का संदेश पहुंचाएं और गौमाता के सम्मान के लिए एक सशक्त जनचेतना विकसित करें।
अंत में, डॉ. कथीरिया ने देश के संतों, महंतों, गौशालाओं, सामाजिक संस्थाओं, युवाओं और सभी गौभक्तों को एकजुट होकर गौमाता के हित में “गौ सम्मान आह्वान अभियान” चलाने के लिए बधाई दी। गुजरात में 7 मई को बड़ी संख्या में तालुका स्तर पर एकत्र होकर शांतिपूर्ण रैली के रूप में मामलतदार कार्यालय जाकर निर्धारित प्रारूप में तैयार प्रार्थना पत्र सौंपने का आह्वान किया गया है, ताकि हम अपनी गौमाता के प्रति श्रद्धा और संवेदना प्रकट कर सकें तथा गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए संकल्पबद्ध हो सकें।
जय गौ माता – वंदे गौ मातरम्।






































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































