#Blog

“दूध का महत्व: पोषण, आयुर्वेद और स्वास्थ्य का खजाना”

दूध – जीवन का अमृत, शरीर के लिए पूर्ण पोषण का स्रोत।
इसमें मौजूद तत्व स्वास्थ्य और शक्ति बढ़ाने में सहायक होते हैं।
दूध नियमित पीने से शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान रहता है।
आयुर्वेद के अनुसार दूध को जीवनदाता माना जाता है।

दूध को ‘संपूर्ण आहार’ के रूप में जाना जाता है। इसमें विटामिन ‘C’ को छोड़कर लगभग सभी विटामिन पाए जाते हैं। सामान्यतः भैंस, गाय और बकरी के दूध का उपयोग आहार के रूप में किया जाता है, जिनमें गाय का दूध श्रेष्ठ माना जाता है। दूध को आहार का राजा कहा जाता है, क्योंकि इसमें वे सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक हैं। दूध से शरीर को भरपूर मात्रा में कैल्शियम मिलता है और इसमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। सामान्यतः दूध में लगभग 85% पानी होता है और शेष भाग में सभी पोषक तत्व होते हैं।
दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और राइबोफ्लेविन (विटामिन B) अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन A, D, K और E, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडीन तथा अन्य खनिज और वसा भी होते हैं। दूध में मौजूद प्रोटीन संक्रमण से बचाने में भी सहायक होता है। अक्सर यह माना जाता है कि दूध कैल्शियम के कारण सफेद होता है, लेकिन यह सही नहीं है। गाय के दूध में प्रति लीटर लगभग 1.27 ग्राम कैल्शियम और 33 ग्राम या उससे अधिक प्रोटीन होता है। प्रोटीन कई प्रकार के होते हैं, लेकिन दूध में मुख्य रूप से ‘केसीन’ प्रकार का प्रोटीन पाया जाता है।
केसीन की उपस्थिति के कारण ही दूध का रंग सफेद होता है। गाय के दूध की तुलना में भैंस के दूध में केसीन अधिक मात्रा में होता है, इसलिए भैंस का दूध अधिक सफेद दिखाई देता है।
आयुर्वेद के विभिन्न ग्रंथों में गाय के दूध को श्रेष्ठ माना गया है। चरक संहिता में कहा गया है ‘गव्यं दशगुणं पयः’, अर्थात गाय के दूध में दस गुण होते हैं। महर्षि चरक ने अन्नपान विधि (सूत्रस्थान-अध्याय 27) में दूध को ‘क्षीरं जीवयति’ कहकर इसे जीवनदायक बताया है।
आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट दूध नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे गैस की समस्या हो सकती है। हालांकि जिनकी पाचन शक्ति अच्छी होती है, वे सुबह दूध पी सकते हैं। व्यायाम करने वाले लोगों के लिए सुबह दूध पीना हानिकारक नहीं है। नाश्ते के बाद, विशेषकर नमकीन या मसालेदार चीजें खाने के साथ या तुरंत बाद दूध नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे नुकसान हो सकता है।
रात में सोने से पहले दूध पीना लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसके लिए यह आवश्यक है कि रात के भोजन के कम से कम तीन घंटे बाद ही दूध पिया जाए, ताकि पेट खाली हो चुका हो। सोने से पहले दूध पीने से यह आसानी से पच जाता है और अधिक लाभ देता है।
मित्तल खेताणी (मो. 98242 21999)

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *